Infographic
| 2 Minutes |
Bookmark
Like
Loader Loading...
EAD Logo Taking too long?

Reload Reload document
| Open Open in new tab

Download [169.00 B]

0 654

The infographic above shares some key tips for communicating with children with disabilities.

It is important to nurture the communication skills of children as they grow so that they can express themselves. Both verbal and non-verbal means represent some of the ways of communication. It is important to ensure that the intervention happens at home. Please make sure that learning process of your child is not limited to teachings gathered at school or therapy centre.

The key tips for communicating with children with disabilities includes gaining children attention, checking one’s own language and spending time to play with children every day. Play is an opportunity to stimulate and build your child’s language skills. The way a child plays is also a strong indicator of their progress. Find out other tips for better communication in the infographic above.

Also, watch Lavanya talk about her journey with her son Kedar who was diagnosed with Autism. Lavanya talks about the importance of building communication skills in your child.

Acknowledgement: We extend our heartful thanks to our parent champion, Triveni Goswami and her organization, The Autism Niche . We would also like to thank Tabitha Wolfe, they helped us in building the content. 

If you have questions about Autism, Down Syndrome, ADHD, or other intellectual disabilities, or have concerns about developmental delays in a child, the Nayi Disha team is here to help. So, for any questions or queries, please contact our FREE Helpline at 844-844-8996. You can either call or what’s app us.

DISCLAIMER: Please note that this guide is for information purposes only. 

ऊपर दिए गए इन्फोग्राफिक विकलांग बच्चों के लिए संचार के कुछ प्रमुख सुझाव साझा करते हैं। बच्चों के संचार कौशल को विकसित करना बहुत अहम है ताकि उम्र बढ़ने के साथ-साथ वो खुद को एक्सप्रेस (व्यक्त) भी कर सकें। संचार को अलग-अलग तरीकों से दर्शाया जा सकता है जिसमें बोल कर या बिना बोले, दोनों तरह के उपाय शामिल हैं। यह सुनिश्चित करना अहम है कि शुरुआती हस्तक्षेप घर पर ही हो, इसलिए तय करें कि आपके बच्चे की सीखने की प्रक्रिया स्कूल या थेरेपी सेंटर में इकट्ठी की गई शिक्षाओं तक सीमित नहीं रहे। विकलांग बच्चों के लिए संचार के प्रमुख सुझावों में बच्चों का ध्यान आकर्षित करना, अपनी खुद की भाषा की जांच करना, बच्चों के साथ रोजाना खेलने के लिए समय निकालना शामिल है। खेल आपके बच्चे के भाषा कौशल को प्रोत्साहित करने और विकसित करने का एक मौका है। एक बच्चा जिस तरह से खेलता है, वह भी उसकी प्रगति का एक मजबूत संकेत होता है। ऊपर दिए गए इन्फोग्राफिक में बेहतर संचार के लिए अन्य उपायों का पता लगाएं। यह भी देखें कि लावण्या ने अपने बेटे केदार के साथ अपनी यात्रा के बारे में बात की, जिसके ऑटिज्म से ग्रस्त होने का पता चला था । लावण्या आपके बच्चे के अंदर संचार कौशल को मजबूत करने के महत्व के बारे में बात करती है। एक्नॉलेजमेंट(स्वीकृति): हम अपने पैरेंट चैंपियन, Tabitha Wolfe , त्रिवेणी गोस्वामी और उनके संगठन, The Autism Niche को दिल से धन्यवाद देते हैं। उन्होंने सामग्री तैयार करने में हमारी मदद की। यदि आपके पास ऑटिज्म, डाउन सिंड्रोम, ADHD या अन्य बौद्धिक विकलांगताओं से जुड़े कोई सवाल हैं, या किसी बच्चे में विकासात्मक देरी को लेकर कोई फिक्र है, तो नई दिशा टीम मदद के लिए यहां है। इसलिए किसी भी सवाल या जानकारी के लिए कृपया हमारी मुफ्त हेल्पलाइन नंबर- 844-844-8996 पर संपर्क करें। आप हमें कॉल या व्हाट्सएप भी कर सकते हैं। डिस्क्लेमर: कृपया ध्यान दें कि यह गाइड (मार्गदर्शिका) सिर्फ सूचना देने के मकसद से बनाई गई है।
Suggested Service Providers