How can Augmentative and Alternative Communication tools help non-verbal children express themselves effectively?
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There are many children who are unable to express their feelings freely through verbal communication. Speech-related problems have several causes, most of which are attributed to developmental birth defects that either impair the nervous system from processing speech, or some children have muscle-related problems that hinder speech articulation. These challenges prevent children from expressing their emotions or communicating with people around them. However, most children can express their feelings through gestures, for example, by smiling, nodding of the head, frowning and so on. These forms of expression rely on alternative means of communication that do not require verbal interaction with people. There are many different ways through which alternate communication may be introduced to your non-verbal child. Most common tools that majority of us use in daily life include hand gestures, finger pointing or facial expressions to communicate. A more elaborate means of expression is by using the finger to point to a picture board for conveying the intended message. A more automated version of a picture book is through the use of a software application which can allow communication of longer sentances and thoughts in a variety of everyday settings at home, outside or school. Depending on your child’s verbal communication levels you may choose to opt for a combination of several tools that will facilitate your child to become an independet communicator. The various methods that can be utlized by a child to prompt communication with another person without the need to speak are collectively termed as Augementative and Alternative Communication tools.

DISCLAIMER: Please note that this guide is for information purposes only. Please consult a qualified health practitioner for further assistance. 

You may also download this presentation that talks about the importance of AAC in a classroom learning environment.

 

 

 

कई बच्चे ऐसे होते हैं जो वर्बल कम्यूनिकेशन यानी मौखिक संचार के माध्यम से अपनी भावनाओं को खुलकर जाहिर करने में असमर्थ होते हैं। दरअसल भाषण संबंधी समस्याओं के कई कारण होते हैं, जिनमें से अधिकांश को विकास संबंधी जन्म दोषों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। ये या तो नर्वस सिस्टम को भाषण बातचीत करने या बोलने की क्षमता विकसित करने से रोकते हैं, या कुछ बच्चों को मांसपेशियों से संबंधित समस्याएं होती हैं जो भाषण अभिव्यक्ति बातचीत करने या बोलने में रूकावट डालती हैं। ये चुनौतियां बच्चों को अपनी भावनाओं को जाहिर करने या अपने आसपास के लोगों के साथ बातचीत करने से रोकती हैं। हालांकि, अधिकांश बच्चे इशारों की मदद से अपनी भावनाओं को जाहिर कर सकते हैं, उदाहरण के लिए, मुस्कुराकर, सिर हिलाकर, भौंहें चढ़ाकर और इसी तरह कई और तरीकों से। अभिव्यक्ति के ये रूप संचार के वैकल्पिक साधनों पर निर्भर करते हैं जिनके लिए लोगों के साथ मौखिक यानी बोलकर बातचीत की जरूरत नहीं होती है। ऐसे कई अलग-अलग तरीके हैं जिनके माध्यम से आपके गैर-मौखिक बच्चे को वैकल्पिक संचार के तरीके सिखाये जा सकते हैं। रोजमर्रा की जिंदगी में हममें से अधिकांश लोग जिन सबसे सामान्य उपकरणों का उपयोग करते हैं, उनमें संवाद करने के लिए हाथ के इशारे, उंगली से इशारा करना या चेहरे के भाव शामिल हैं। आप जो संदेश देना चाहते हैं उसे जाहिर करने का एक अधिक विस्तृत साधन है पिक्चर बोर्ड की ओर उंगली से इशारा करना। एक पिक्चर बुक का और अधिक ऑटोमेटेड वर्जन एक सॉफ़्टवेयर एप्लिकेशन के इस्तेमाल के जरिये होता है जो घर, बाहर या स्कूल में रोजमर्रा की अलग-अलग स्थितियों में लंबी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने में मदद कर सकता है। आपके बच्चे के वर्बल कम्यूनिकेशन लेवल यानी मौखिक संचार स्तरों के आधार पर आप एक साथ कई उपकरणों के इस्तेमाल को चुन सकते हैं जो आपके बच्चे को स्वतंत्र होकर अपनी बात को जाहिर करने में उसकी मदद करेगा। बोलने की आवश्यकता के बिना किसी अन्य व्यक्ति के साथ संवाद यानी बातचीत करने के लिए एक बच्चे द्वारा जिन विभिन्न तरीकों का उपयोग किया जा सकता है, उन्हें सामूहिक रूप से संवर्धित और वैकल्पिक संचार उपकरण कहा जाता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): कृपया ध्यान दें कि यह मार्गदर्शिका केवल सूचना देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। अधिक सहायता के लिए कृपया किसी योग्य हेल्थ प्रैक्टिशनर से सलाह लें।

आप इस प्रस्तुति को डाउनलोड भी कर सकते हैं जो कक्षा जैसे सीखने के माहौल में एएसी के महत्व के बारे में बात करती है।

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